aajtak.inनई दिल्ली, 10 August 2019
पहले राम मंदिर की सुनवाई पर तारीख पर तारीख आती थी लेकिन अब जब सुप्रीम कोर्ट ने अपनी परंपरा को तोड़ते हुए हफ्ते में पांच दिन सुनवाई का फैसला लिया तो मुस्लिम पक्ष में विरोध में खड़ा हो गया. सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील ने चीफ जस्टिस से कहा कि वो हफ्ते में पांच दिन सुनवाई के लिए कोर्ट की मदद नहीं कर सकते हैं क्योंकि हमें दिन-रात अनुवाद के कागज पढ़ने होते हैं और अन्य तैयारियां करनी पड़ती हैं. इसलिए हफ्ते में पांच दिन सुनवाई के फैसले से हड़बड़ी होगी. आपको बता दें कि राम मंदिर के पक्षकार लंबे समय से रोजाना सुनवाई कर जल्द से जल्द फैसले की मांग कर रहे थे. ऐसे में वक्फ बोर्ड की दलील से क्या ऐसा नहीं लगता कि वो मामले को लगातार लटकाए रखने के पक्ष में है? आज के दंगल में इस फैसले से जुड़े तमाम पहलुओं की चर्चा करेंगे.
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